सीमित आमदनी के बीच परिवार की जरूरतों को पूरा करने से शुरू हुआ श्रीमती इंदिरा डामोर का सफर आज आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। कभी उनकी व्यक्तिगत मासिक आय लगभग 5 हजार रुपये और परिवार की कुल मासिक आय करीब 8 हजार रुपये थी। स्व-सहायता समूह से जुड़ने और आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने के बाद आज उनकी व्यक्तिगत आय बढ़कर लगभग 12 हजार रुपये तथा परिवार की मासिक आय करीब 20 हजार रुपये हो गई है।

सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत “कहानी बदलाव की” में यह कहानी विकासखंड थांदला के ग्राम भीमपुरी निवासी श्रीमती इंदिरा खुमानसिंग डामोर की है। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर उन्होंने उपलब्ध अवसरों का लाभ लिया और अपनी मेहनत से परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए।

खास बातें

  • सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत “कहानी बदलाव की” में यह कहानी विकासखंड थांदला के ग्राम भीमपुरी निवासी श्रीमती इंदिरा खुमानसिंग डामोर की है।
  • उनका समूह ग्राम संगठन भीमपुरी एवं सीएलएफ अमर ज्योति महिला संघ काकनवानी से जुड़ा है।
  • समूह को आरएफ के अंतर्गत 1 हजार रुपये, वाटरशेड के अंतर्गत 1 लाख 50 हजार रुपये तथा सीसीएल के माध्यम से 30 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई।

श्रीमती इंदिरा माल फलिया आजीविका बचत समूह की अध्यक्ष हैं। उनका समूह ग्राम संगठन भीमपुरी एवं सीएलएफ अमर ज्योति महिला संघ काकनवानी से जुड़ा है। समूह के माध्यम से उन्हें बचत, वित्तीय सहयोग और आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। समूह को आरएफ के अंतर्गत 1 हजार रुपये, वाटरशेड के अंतर्गत 1 लाख 50 हजार रुपये तथा सीसीएल के माध्यम से 30 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई।

इस सहयोग के साथ श्रीमती इंदिरा ने किराना दुकान और कृषि कार्य को आय का माध्यम बनाया। किराना दुकान से नियमित आमदनी और कृषि कार्य से मिलने वाली आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायता की। समूह से जुड़ने के पहले जहां सीमित आय में परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था, वहीं अब आय बढ़ने से परिवार को आर्थिक संबल मिला है।

स्व-सहायता समूह ने श्रीमती इंदिरा को केवल आर्थिक गतिविधियों से ही नहीं जोड़ा, बल्कि समूह अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी दिया। आज वे स्वयं आय अर्जित करने के साथ अपने परिवार की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रही हैं।

श्रीमती इंदिरा डामोर का यह बदलाव दर्शाता है कि स्व-सहायता समूह, उचित वित्तीय सहयोग और स्वयं की मेहनत का समन्वय ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन सकता है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत उनकी यह “कहानी बदलाव की” आजीविका के अवसरों का लाभ लेकर आगे बढ़ने की एक सकारात्मक मिसाल है।