जिले के तीन वर्षीय बालक महिम्न मंडलोई की शतरंज प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए रेडक्रॉस मद से 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इतनी कम उम्र में शतरंज जैसे बौद्धिक खेल में रुचि और प्रतिभा को पहचानकर उसे आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाना बालक एवं उसके परिवार के लिए उत्साहवर्धक पहल है। महिम्न मंडलोई की शतरंज प्रतिभा को निखारने और उसे आवश्यक प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह सहायता प्रदान की गई है। तीन वर्ष की उम्र में शतरंज के प्रति उसकी रुचि एवं प्रतिभा को देखते हुए परिवार को यह सहयोग आगे की कोचिंग और प्रशिक्षण में उप

इस पहल से बाल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का सकारात्मक संदेश भी मिलता है। प्रारंभिक स्तर पर प्रतिभा की पहचान कर उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने से बच्चों को अपनी क्षमता विकसित करने का अवसर मिलता है।

महिम्न के परिवार ने इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक सहायता से बालक के शतरंज प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। परिवार ने उम्मीद जताई कि महिम्न भविष्य में शतरंज के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन करेगा।