मध्यप्रदेश शासन की युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत जिले के आपदा मित्र स्वयंसेवियों का सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 29 सितंबर से उकवा स्थित मॉयल सामुदायिक भवन में शुरू हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह विभाग भोपाल तथा होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन मुख्यालय भोपाल से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है। प्रशिक्षण 29 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में विभिन्न प्रकार की आपदाओं के दौरान स्थानीय स्तर पर प्राथमिक राहत एवं बचाव कार्यों में प्रशिक्षित आपदा मित्र स्वयंसेवियों की सहभागिता सुनिश्चित करना है। सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान आपदा मित्रों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी देने के साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों का डेमो और प्रायोगिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
खास बातें
- सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान आपदा मित्रों को विभिन्न परिस्थितियों में सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से राहत और बचाव कार्य करने की तकनीकों का अभ्यास कराया जाएगा।
- इससे जिले में आपदा प्रबंधन की स्थानीय क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि नायब तहसीलदार उकवा श्री तिलक राम घोरमारे तथा विशिष्ट अतिथि जिला सेनानी होमगार्ड बालाघाट श्री ललित कुमार उद्दे उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि श्री घोरमारे ने आपदा प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षणार्थियों को सेवा भावना, अनुशासन और तत्परता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय शुरुआती राहत एवं बचाव कार्यों में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
जिला सेनानी श्री ललित कुमार उद्दे के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में आपदा मित्र स्वयंसेवियों को आपात परिस्थितियों में बचाव कार्य, प्राथमिक राहत तथा आवश्यक सावधानियों के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के माध्यम से स्वयंसेवियों को इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि वे आपदा की स्थिति में प्रशासन एवं राहत-बचाव दल के साथ समन्वय स्थापित करते हुए जरूरतमंद लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने में सहयोग कर सकें।
सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान आपदा मित्रों को विभिन्न परिस्थितियों में सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से राहत और बचाव कार्य करने की तकनीकों का अभ्यास कराया जाएगा। इससे जिले में आपदा प्रबंधन की स्थानीय क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
