प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा मातृत्व को सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना इसी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे गर्भावस्था के दौरान उन्हें अपने स्वास्थ्य और पोषण पर ध्यान देने में सहयोग मिल सके।
मुरैना विकासखण्ड के ग्राम सुरजनपुर निवासी श्रीमती रजनी के लिए यह योजना उनके मातृत्व के सफर में एक महत्वपूर्ण सहारा बनी। गर्भावस्था के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत उन्हें 5 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। रजनी के लिए यह राशि उस समय मिली, जब उनके लिए स्वयं के स्वास्थ्य और गर्भस्थ शिशु के पोषण का विशेष ध्यान रखना जरूरी था।
रजनी बताती हैं कि योजना से मिली सहायता राशि का उपयोग उन्होंने पौष्टिक आहार की व्यवस्था करने तथा विश्वार के लड्डू बनवाने में किया। गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार की आवश्यकता को देखते हुए यह आर्थिक सहायता उनके लिए उपयोगी रही। इससे उन्हें अपनी जरूरतों को पूरा करने में परिवार के साथ अतिरिक्त आर्थिक सहयोग मिला।
रजनी के चेहरे पर मातृत्व की खुशी के साथ इस सहयोग के प्रति संतोष भी दिखाई देता है। वे बताती हैं कि गर्भावस्था के दौरान मिली आर्थिक सहायता से परिवार पर अतिरिक्त खर्च का दबाव कम हुआ और उन्हें अपने स्वास्थ्य तथा खान-पान पर ध्यान देने में सुविधा मिली। उनके लिए सरकार की यह सहायता केवल राशि नहीं, बल्कि मातृत्व के इस महत्वपूर्ण दौर में मिला भरोसा और संबल है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे गर्भावस्था और प्रसव के दौरान अपने स्वास्थ्य एवं पोषण का समुचित ध्यान रख सकें। मातृत्व की इस संवेदनशील अवधि में परिवार को मिलने वाला यह आर्थिक सहयोग मां और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
