मध्यप्रदेश शासन द्वारा युवाओं को रोजगार के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत युवाओं को विभिन्न उद्योगों, प्रतिष्ठानों एवं सेवा क्षेत्रों में कार्य करते हुए व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण अवधि में पात्र युवाओं को निर्धारित मापदंडों के अनुसार प्रशिक्षण भत्ता भी दिया जाता है। योजना के अंतर्गत युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर प्रतिमाह प्रशिक्षण भत्ता प्रदान किया जाता है।
12 वीं उत्तीर्ण – ₹ 8,000 प्रतिमाह, आईटीआई उत्तीर्ण – ₹ 8,500 प्रतिमाह
खास बातें
- 12 वीं उत्तीर्ण – ₹ 8,000 प्रतिमाह, आईटीआई उत्तीर्ण – ₹ 8,500 प्रतिमाह
- डिप्लोमा धारक – ₹ 9,000 प्रतिमाह, स्नातक अथवा उच्च शिक्षित – ₹ 10,000 प्रतिमाह
- योजना के माध्यम से युवाओं को उद्योगों एवं प्रतिष्ठानों में व्यावहारिक कार्य अनुभव और रोजगारोन्मुखी कौशल प्राप्त होता है।
डिप्लोमा धारक – ₹ 9,000 प्रतिमाह, स्नातक अथवा उच्च शिक्षित – ₹ 10,000 प्रतिमाह
प्रशिक्षण भत्ते में राज्य शासन का 75 प्रतिशत अंश प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से पात्र प्रशिक्षणार्थी के बैंक खाते में तथा शेष 25 प्रतिशत अंश संबंधित प्रतिष्ठान द्वारा प्रदान किया जाता है।
योजना के माध्यम से युवाओं को उद्योगों एवं प्रतिष्ठानों में व्यावहारिक कार्य अनुभव और रोजगारोन्मुखी कौशल प्राप्त होता है। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को संबंधित प्रतिष्ठान में रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। योजना का लाभ लेने के इच्छुक युवा आधिकारिक पोर्टल " mmsky.mp.gov.in" (mmsky.mp.gov.in/?utm_source=chatgpt.com) पर जाकर अभ्यर्थी पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन के लिए समग्र पहचान क्रमांक, मोबाइल नंबर एवं आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध रखना आवश्यक है। आवेदक अपनी समग्र पहचान की ई-केवाईसी तथा बैंक खाते में डीबीटी सुविधा सक्रिय होना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना युवाओं को कौशल विकास, व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं आर्थिक सहायता के माध्यम से रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

