उज्जैन, 28 सितंबर। करोंदिया, उज्जैन निवासी रजनी धाकड़ के पास कोई काम नहीं था। हालांकि वे पढ़ी-लिखी थीं, फिर भी उनके पास आय का साधन नहीं था। आजीविका मिशन द्वारा उन्हें श्री राम स्वसहायता समूह से जोड़ा गया और उन्हें बैंक सखी की ट्रेनिंग दिलवाई गई। आज वे बैंकिंग प्रतिनिधि के रूप में गांव में लैपटॉप के माध्यम से मिनी बैंक का संचालन करते हुए लोगों को बैंक की सुविधाएं दे रही हैं।

इससे उन्हें 15 हजार रुपये प्रतिमाह की आय हो रही है। इससे गांव में उनका सम्मान भी बढ़ गया है। रजनी धाकड़ बैंकों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में बैंक व्‍यवसाय का इस तरह के विस्तार कर रोजगार मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद करती हैं।