सहायक श्रम पदाधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले के शासकीय विभागों, विश्वविद्यालयों, निगम-मंडलों तथा अन्य संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाना है। वेतन भुगतान में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित नियोजक के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि वेतन भुगतान अधिनियम, 1936 की धारा 5 के अनुसार जिन औद्योगिक अथवा अन्य प्रतिष्ठानों में 1000 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां प्रत्येक माह की 7 तारीख तक तथा 1000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत होने पर 10 तारीख तक वेतन का भुगतान किया जाना आवश्यक है।
शासन द्वारा जिले के सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि उनके अधीन कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों एवं ठेका श्रमिकों को निर्धारित समय-सीमा में न्यूनतम वेतन का भुगतान सुनिश्चित करें। विशेष रूप से प्रत्येक माह की 7 तारीख तक वेतन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सहायक श्रम पदाधिकारी ने बताया कि जिले के विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों, विभागों तथा प्रमुख नियोजकों के अधीन कार्यरत श्रमिकों को यदि निर्धारित समय पर वेतन प्राप्त नहीं होता है, तो वे श्रमिक हेल्पलाइन 1800 233 8888 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
उन्होंने जिले के श्रमिकों, नियोजकों एवं आमजन से अपील की है कि न्यूनतम वेतन एवं समयबद्ध वेतन भुगतान से संबंधित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करें।
