उज्जैन, 28 सितंबर। गोगापुर, महिदपुर निवासी अनिता दीदी कृषि मजदूरी कार्य किया करती थीं और उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। आजीविका मिशन से उनको जोड़ा गया और मां काली स्वसहायता समूह की सदस्य बना दिया गया। समूह से जुड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा। उन्हें 37 हजार रुपये का ऋण भी मिल गया। इस ऋण से उन्होंने एक सिलाई की मशीन खरीदी और सिलाई का कार्य भी सीखा।

आज अनिता दीदी सिलाई का कार्य करके ही लगभग 25 हजार रुपये महीना कमा रही हैं। इस तरह अनिता दीदी आजीविका मिशन से अपने पैरों पर खड़ी हो गई हैं। अनिता दीदी आजीविका मिशन से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देती हैं।